उत्तराखंड का एक प्रमुख त्योहार :: घ्यू त्यार l Ghyu tyar

 यूँ तो उत्तराखंड में अनेक त्योहार मनाये जाते हैं और यहां की संस्कृति रही है कि प्रत्येक त्योहार को हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाए। इन्ही त्योहारों में एक त्योहार है घ्यू त्यार (घी त्योहार)  ।


यह लगभग पूरे उत्तराखंड में मनाया जाने वाला एक त्योहार है। आज के दिन कहा जाता है कि जो घी नहीं खाता है वह अगले जन्म में गनेल (घोंघा) Snail के रूप में जन्म लेता है। इसलिए आज के दिन घी खाना आवश्यक बताया गया है। जिनके पास घर मे गाय नहीं है वो भी खरीदकर घी खाते हैं। 

इस परंपरा को अगर देखा जाए तो त्योहार शायद गाय तथा अन्य पशुओं की हम देखभाल करें और उनसे प्राप्त होने वाला दूध , दही, घी आदि का लाभ उठाएं इस और इंगित करता है। दूसरा पहलू यह भी है कि सावन का महीना समाप्त होकर इस दिन से भाद्रपद का महीना शुरू होता है। फसलों में अब बालियां आने लगती हैं । धान, मक्का, आदि में बालियां आपको दिख जाएंगी। तो उसकी खुशी में भी यह त्योहार मनाया जाता है। भाद्रपद के महीने से खेतों में काम बढ़ जाता है इसलिए शरीर में शक्ति की कमी महसूस ना हो इसके लिए घी खाया जाए यह संदेश भी यह त्योहार देता है ताकि हम खेतों में ज्यादा मेहनत से काम कर सकें। 


आज के दिन को ओलगी संक्रांति के नाम से भी जाना जाता है। आज के दिन से गाबे की सब्जी खाई जाती है। यूँ तो गाबे से सभी लोग परिचित होंगे , नहीं !  तो बताता हूँ ,  पिनालू ( अरबी) की जो बंद पत्तियां होती हैं उनको गाबा कहा जाता है, इसकी सब्जी हरी सब्जी के अंतर्गत आती है और अत्यधिक पोषण युक्त होती है । गाबे में मूली के पत्ते और जड़, साथ मे कद्दू हो तो सब्जी का स्वाद बेमिसाल हो जाता है। 


तो इस तरह उत्तराखंड में हर मौसम में त्योहार मनाये जाते हैं। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी तो आज की जो नई पीढ़ी है उस तक इस संदेश को अवश्य पहुंचाएं। ताकि वो हमारी संस्कृति और परंपरा से परिचित हो सकें। 

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4 comments:

  1. Namaskar sir,
    Mujhe ye to pta tha ki ghee tyohar me ghongha bnne wali kahani kitni aam h..lekin iske peeche ka asli kaaran aaj is post se jaan pai. Aur yeh bhi ki krishi jeevan jeene walo k liye kitna soch samajhkar hmare poorvajon ne is prakar ke kai tyohar bnae hn. Vaakai hmari sanskriti daarshnik hai.
    Aur..aapne bahut acche se is baat ko yahan dikhaya h.

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    1. Thanks a lot for your compliments

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    2. Thankyou....Sir...Uattm jankari....Di

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